मस्जिद अल अकसा
अलअक़्सा के हवाले से चन्द बातें समझनी बहुत ज़रूरी है 👇👇👇👇👇 1. मुसलमानों का ईमान है कि मस्जिद अलअक़्सा हज़रत आदम के ज़माने की है और रू ए ज़मीन पर दूसरी मस्जिद है 2. इस्लामी तारीख़ में मस्जिद अलअक़्सा को क़िबला ए अव्वल कहकर पुकारा जाता है यानी नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के ज़माने में जब तक काबा पर मुशरिको का क़ब्ज़ा था, मुसलमान अलअक़्सा की तरफ़ मुँह करके नमाज़ पढ़ते थे 3. नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने 17 महीनों तक मस्जिद अल अक़्सा की तरफ़ रुख़ करके नमाज़ अदा की है 4. अल अक़्सा का 35 एकड़ का इहाता है जिसमें इस्लामी तारीख़ के 44 आसारे क़दीमा मौजूद हैं 5. मस्जिद अलअक़्सा मशरीक़ी यरूशलम यानी East Jerusalem में है। दूसरी आलमी जंग के बाद जब फ़िलस्तीन पर इस्राइल नाम के सहयूनियों (ज़ालिम यहूदियों) का क़ब्ज़ा हो गया तब भी मस्जिद अलअक़्सा फ़िलस्तीन का हिस्सा मानी गई 6. यहूदियों का मानना है कि मस्जिद अल अक़्सा ही वह जगह है जहाँ हज़रत सुलेमान अलैहिससलाम का तख्त है जहा उन्हें मंदिर बनाना है यानी थर्ड टेम्पल तामीर करना है, इसलिए यहूदी मस्जिद अलअक़...